Sunday, August 17, 2014

Teri Ankho Ka Kajal

@all right reserved

तेरी आँखों का काजल ये
मुझे लेकर कहा आया

खड़ा हूँ तेरी राहो में
भटकता है मेरा साया

तेरी खातिर जुटाए थे
मोहब्बत क कई लम्हे
'
तू आएगा ये जाना तो
सजाये थे कई सपने

तेरे वादे कई आये
मगर तू तो नहीं आया

तबाही क कई मंज़र
मेरी आँखों नें देखे है

मगर इतना मैं उजड़ा हूँ
के  लगता है मैं  क्यों आया

कभी मैंने जुबा खोली
लहू हर आँख में आया